दृढता Стойкость

Рассказ подходит для выработки навыка распознавания перфектных форм, встречающихся достаточно редко. Использование инфинитива и перфекта вперемешку выглядит лично для меня стилистическим дефектом. Но, не будучи носителем языка, я не берусь критиковать этот момент.

दृढता
СТОЙКОСТЬ
एकस्मिन् जलपोते कस्यचित् निर्धन–परिवारस्य बालकः सेवारतः आसीत् (Был на одном судне преданный службе юнга из бедной семьи; परिवार в значении ‘семья’ имеется в хинди, на санскрите оно означает ‘свита, эскорт, группа поддержки и т.п.’)। सः सदा प्रसन्नेन मनसा, निपुणतया च प्रदत्तं कार्यं सम्पादयति स्म (Он всегда исполнял выданное задание со спокойным умом и умелостью)।
एकदा, तस्य कार्येण संतुष्टः सन्, (Как-то раз, будучи доволен его работой) पोत–संचालकः तस्मै उत्तम–मद्यं पातुं ददौ (капитан судна дал ему выпить высококачественного рома)।

मद्यम् – вино; любой спиртной напиток. Переведено одним из возможных способов.

बालकः मद्यं स्वीकृतं न अकरोत् (Юнга не принял рома)। संचालकः पुनः अनुरोधं चकार (Капитан снова проявил любезность), किंतु बालकः विनम्रतया अवदत् (однако юнга скромно промолвил)– मद्य–सदृशं हानिकरं पेयं न एव पास्यामि (Пагубный напиток, подобный рому я пить не стану)।
एतया अवज्ञया कुपितः (Взбешённый таким неуважением), संचालकः तं दण्डयितुम् उद्यतः अभवत् (капитан был готов наказать его)। किंतु दृढ–निश्चयः बालः सेवा–परित्यागाय अपि तत्–पराः आसीत् (Однако стойкий в решении юнга был готов даже к оставлению службы)।
तस्य तादृशं भावं परिज्ञाय (Видя его такое состояние) संचालकः तं पप्रच्छ (капитан спросил его:)–
– केन विशेष–हेतुना त्वम् ईदृशं मूल्यवत् मद्यं न स्वीकरोसि? (По какой конкретно причине ты не принимаешь такой дорогой ром?)
बालः अवदत् (Парень ответил:)–
– मम पिता प्रसिद्धः मद्यपः आसीत् (Мой отец был горьким пьяницей; प्रसिद्धः – известный)। मद्यपानेन एव नैक–रोगैः आक्रान्तः (Одолеваемый в связи с пьянством множественными болезнями,) सः काल–कवलितः जातः (он был сожран смертью, т.е. умер)। पितरि दिवं प्रयाते (Когда отец ушёл на небо; независ. меп) मम माता मत्तः प्रतिज्ञाम् अकारयत् (моя мать взяла с меня обещание), यत् अहं जीवने कदापि मद्यं न सेविष्ये (что я никогда в жизни не буду употреблять спиртного)। तां प्रतिज्ञां पालयन् (Храня то обещание), अहं भवता उपहृतं मद्यं न स्वीकरोमि (я не принял предложенного вами рома)। अतः क्षम्यतां मम धार्ष्ट्यम् (Поэтому простите мою дерзость)।
संचालकः, तस्य मानसीं दृढताम् अभिलक्ष्य (Отметив его умственную стойкость, капитан), प्रससाद, तस्मै पुरस्कारं च प्रादात् (успокоился и выразил ему уважение)।
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एकस्मिन् जलपोते कस्यचित् निर्धन–परिवारस्य बालकः सेवारतः आसीत्। सः सदा प्रसन्नेन मनसा, निपुणतया च प्रदत्तं कार्यं सम्पादयति स्म।
एकदा, तस्य कार्येण संतुष्टः सन्, पोत–संचालकः तस्मै उत्तम–मद्यं पातुं ददौ।
बालकः मद्यं स्वीकृतं न अकरोत्। संचालकः पुनः अनुरोधं चकार, किंतु बालकः विनम्रतया अवदत्– मद्य–सदृशं हानिकरं पेयं न एव पास्यामि।
एतया अवज्ञया कुपितः, संचालकः तं दण्डयितुम् उद्यतः अभवत्। किंतु दृढ–निश्चयः बालः सेवा–परित्यागाय अपि तत्–पराः आसीत्।
तस्य तादृशं भावं परिज्ञाय संचालकः तं पप्रच्छ–
– केन विशेष–हेतुना त्वम् ईदृशं मूल्यवत् मद्यं न स्वीकरोसि?
बालः अवदत्–
– मम पिता प्रसिद्धः मद्यपः आसीत्। मद्यपानेन एव नैकरोगैः आक्रान्तः सः कालकवलितः जातः। पितरि दिवं प्रयाते मम माता मत्तः प्रतिज्ञाम् अकारयत्, यत् अहं जीवने कदापि मद्यं न सेविष्ये। तां प्रतिज्ञां पालयन्, अहं भवता उपहृतं मद्यं न स्वीकरोमि। अतः क्षम्यतां मम धार्ष्ट्यम्।
संचालकः, तस्य मानसीं दृढताम् अभिलक्ष्य, प्रससाद, तस्मै पुरस्कारं च प्रादात्।

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